इस एक्टर की फिल्म देखने पहुंचा सिर्फ 1 शख्स, ये हैं बॉलीवुड के फ्लॉप Star Kid

बॉलीवुड को अब तक कई हिट फिल्में देने वाली जोड़ी अब्बास-मस्तान की हालिया रिलीज मूवी 'मशीन' बुरी तरह फ्लॉप हो गई। हाल ही में मुंबई के जुहू इलाके में स्थित पीवीआर में सिर्फ एक शख्स इस फिल्म को देखने पहुंचा। बॉलीवुड के इतिहास में शायद ऐसा पहली बार हुआ है, जब किसी फिल्म को देखने महज 1 आदमी पहुंचा हो। पीवीआर में काम करने वाले एक कर्मचारी ने बताया कि 25 करोड़ की लागत से बनी इस फिल्म को देखने के लिए सिर्फ एक आदमी ने टिकट खरीदा, इसलिए उस दिन के सभी शो कैंसिल करने पड़े। 

इस फिल्म में अब्बास के बेटे मुस्तफा बर्मावाला ने काम किया है। इसके अलावा फिल्म में कियारा आडवाणी, दलीप ताहिल और रोनित रॉय भी हैं। थ्रिलर ड्रामा मूवी के लिए पॉपुलर अब्बास-मस्तान की इस फिल्म में ना तो कहानी में दम है और ना ही सस्पेंस में।

अब्बास-मस्तान की जोड़ी ने बाजीगर से खिलाड़ी तक दीं सुपरहिट फिल्में...
अपने 27 साल के फिल्मी करियर में 17 से ज्यादा फिल्में बनाने वाली जोड़ी अब्बास-मस्तान ने शाहरुख के साथ 'बाजीगर' बनाई। सही मायनों में इसी फिल्म के बाद शाहरुख का करियर तेजी से आगे बढ़ा। इसके अलावा इस जोड़ी ने अक्षय के साथ 'खिलाड़ी' जैसी सुपरहिट फिल्म बनाई और उन्हें खिलाड़ी नाम दिया।

वैसे, बॉलीवुड में ऐसे कई स्टार्स रहे हैं, जिन्होंने अपने दौर में फिल्म इंडस्ट्री में काफी नाम कमाया। इनकी पॉपुलैरिटी का आलम यह था कि फिल्में सिर्फ इनके नाम से चलती थीं। इनमें हेमा मालिनी, मिथुन चक्रवर्ती, फिरोज खान, विनोद खन्ना और शत्रुघ्न सिन्हा जैसे कई नाम हैं। हालांकि जितनी सक्सेस इन्हें मिली उतनी इनके बच्चों को कभी नहीं मिली। फिर चाहे फिरोज के बेटे फरदीन खान हों या हेमा मालिनी की बेटी ईशा देओल। बॉलीवुड में ऐसे कई एक्टर और एक्ट्रेसेस हैं, जो किसी न किसी नामी स्टार के बच्चे हैं लेकिन इंडस्ट्री में कोई खास मुकाम नहीं बना पाए।

एक्ट्रेस- ईशा देओल
मां- हेमा मालिनी
हेमा मालिनी बॉलीवुड की सक्सेसफुल एक्ट्रेसेस में से एक हैं। उनकी बड़ी बेटी ईशा देओल को उनकी डेब्यू मूवी 'कोई मेरे दिल से पूछे' के लिए फिल्मफेयर बेस्ट डेब्यू अवॉर्ड दिया गया था, लेकिन इसके बाद भी उनका करियर संवर नहीं सका। हेमा जहां आज भी अपने एक्टिंग से ऑडियंस को लुभा रही हैं, वहीं ईशा का करियर महज 25 फिल्मों के आस-पास सिमट कर रह गया।

 

फरदीन खान
पिता - फिरोज खान

साल 1998 में फिल्म ‘प्रेम अगन’ के जरिए अपना एक्टिंग करियर शुरु करने वाले फरदीन मशहूर फिल्म एक्टर-डायरेक्टर फिरोज खान के बेटे हैं। अपने 12 साल के बॉलीवुड करियर में उन्होंने ‘जंगल’, ‘प्यार तूने क्या किया’, ‘फिदा’, ‘देव’ और ‘ऑल द बेस्ट’ जैसी हिट फिल्मों में काम किया है, लेकिन उनका करियर कुछ खास नहीं रहा।

 

महाअक्षय (मिमोह) चक्रवर्ती
पिता- मिथुन चक्रवर्ती

बॉलीवुड में 'डिस्को डांसर' से पहचान बनाने वाले मिथुन चक्रवर्ती की गिनती सफल हीरोज में होती है। उनका नाम डांस के मामले में माइकल जैक्सन, मोहम्मद अली के बाद तीसरे नंबर पर आता था। दूसरी तरफ मिमोह सफलता से कोसों दूर रहे। उन्होंने बॉलीवुड में 'जिम्मी' से शुरुआत की, लेकिन ये फ्लॉप रही। मिमोह ने इसके बाद कई फिल्मों में काम किया, जिनमें 'द मर्डर्र', 'हॉन्टेड-3D', 'लूट', 'एनेमी' जैसी फिल्में शामिल हैं, लेकिन ये सभी फिल्में फ्लॉप रहीं।

 

शादाब खान
पिता- अमजद खान

बॉलीवुड के गब्बर यानी अमजद खान के बेटे शादाब खान ने फिल्म इंडस्ट्री में 'राजा की आएगी बारात' से डेब्यू किया था। उनके अपोजिट इस फिल्म में रानी मुखर्जी थीं, लेकिन इस फिल्म में रानी का किरदार उनकी एक्टिंग और करियर दोनों पर भारी पड़ गया। शादाब का जादू जब फिल्मों में नहीं चला तो उनका करियर भी खत्म हो गया। दूसरी तरफ उनके पिता ने बॉलीवुड में एक सफल पहचान बनाई थी।

 

अध्ययन सुमन
पिता- शेखर सुमन
छोटे पर्दे से लेकर बड़े पर्दे तक शेखर सुमन इंडस्ट्री का बहुत बड़ा नाम है। वो आज भी टेलीविजन पर कई सुपरहिट शो दे रहे हैं। हालांकि, उनका बेटा इंडस्ट्री में अब तक अपनी पहचान नहीं बना पाया है। जबकि उनका नाम डेब्यू मूवी 'हाल-ए-दिल' के लिए फिल्मफेयर बेस्ट डेब्यू अवॉर्ड के लिए भी नॉमिनेट किया गया था। फिल्मों से ज्यादा सुर्खिया उन्हें कंगना रनोट के साथ रिलेशनशिप के चलते मिली हैं।

 

राहुल खन्ना
पिता- विनोद खन्ना

विनोद खन्ना के बेटे राहुल खन्ना भी सफल शुरुआत के बाद कहीं गुम हो गए। फिल्म 'अर्थ' से उन्होंने सफल शुरुआत की थी। इस फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट मेल डेब्यू अवॉर्ड भी मिला था, इसके बाद भी वो इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने में नाकाम रहे। दूसरी तरफ विनोद खन्ना आज भी फिल्मों में अपनी एक्टिंग से दर्शकों की तारीफ बटोर रहे हैं।

 

करण कपूर
पिता- शशि कपूर
शशि कपूर ने अपनी एक्टिंग, बोलने की स्टाइल और डांस से बॉलीवुड में अलग पहचान बनाई। उनके नाम कई सुपरहिट फिल्में दर्ज हैं, लेकिन उनके बेटे करण एक्टिंग की कसौटी पर खरे नहीं उतरे। करण के चेहरे में माता-पिता दोनों की छवि दिखाई देती है। उन्हें बॉम्बे डाइंग का पोस्टर ब्वॉय भी कहा जाता है। उनकी पहली फिल्म 'सुल्तान' थी, जो बॉक्स ऑफिस पर फेल रही थी। कुछ फिल्मों में काम करने के बाद उन्होंने अपनी भलाई के लिए बॉलीवुड को अलविदा कह दिया।

 

जावेद जाफरी
पिता - जगदीप
जावेद इंडस्ट्री के ऐसे एक्टर हैं जो अपने पिता जगदीप के नक्शे-कदम पर चलते हुए फिल्मों में आए थे। पिछले 29 सालों से वो इंडस्ट्री में एक्टिव हैं, लेकिन आज भी उन्हें वो मुकाम नहीं मिला जो पिता का था। जावेद के पिता जगदीप ने फिल्मों में करीब 50 साल तक काम किया। 1951 में बाल कलाकार के तौर पर 'अफसाना' से शुरू हुआ उनका सफर 'कहीं प्यार न हो जाए' (2000) तक जारी रहा। फिल्म 'शोले' में जगदीप के सूरमा भोपाली वाले किरदार को लोग आज भी भुला नहीं पाए हैं। दूसरी तरफ, जावेद एक्टर से ज्यादा कॉमेडियन, डांसर और नेता के तौर पर जाने जाते हैं। फिल्मों में वो को-स्टार या दूसरी छोटे-मोटे रोल्स में नजर आते हैं।

 

रणधीर कपूर और राजीव कपूर
पिता- राज कपूर

रणधीर कपूर और राजीव कपूर ने कई फिल्मों में काम किया, लेकिन ये दोनों स्टार्स अपने पिता राज कपूर की तुलना में काफी पीछ रहे। राज कपूर को उनकी एक्टिंग के लिए दुनियाभर में जाना जाता था, लेकिन ये दोनों स्टार्स फैन्स जुटाने में नाकाम रहे। राज कपूर ने न सिर्फ कई सुपरहिट फिल्में बनाई बल्कि उन्होंने कई ब्लॉकबस्टर्स का डायरेक्शन भी किया। राजीव कपूर को उनकी पहली फिल्म 'राम तेरी गंगा मैली' से जबरदस्त शुरुआत मिली थी, लेकिन वो उसका फायदा नहीं उठा सके। दूसरी तरफ रणधीर कपूर ने बतौर हीरो 1971 में 'कल आज और कल' से शुरुआत की थी।

 

आर्य और जूही बब्बर
पिता- राज बब्बर

राज बब्बर ने बतौर एक्टर और नेता अपनी पहचान बनाई है। फिल्मों में उन्होंने निगेटिव रोल से भी अलग पहचान बनाई है। दूसरी तरफ उनकी बेटी जूही और बेटा आर्य बब्बर बॉलीवुड में फेल रहे हैं। आर्य ने 'गुरु', 'तीस मार खान', 'रेडी' जैसी कई फिल्मों में काम किया है। वहीं, जूही ने सोनू निगम के साथ 'काश आप हमारे होते' से करियर शुरू किया था। हालांकि, दोनों ही बॉलीवुड में फेल रहे।

 

सुनील आनंद
पिता- देव आनंद

देव आनंद को भारतीय सिनेमा का लीजेंड कहा जाता है। उन्होंने 65 साल तक 114 फिल्मों में काम किया। फिल्मों में एक्टिंग के साथ उन्होंने बतौर डायरेक्टर और प्रोड्यूसर भी पहचान बनाई। देव साहब के बेटे सुनील आनंद पिता की तरह बॉलीवुड में किस्मत आजमाने उतरे, लेकिन वो पहचान बनाने में पूरी तरह नाकाम हो गए। देव जी ने सुनील को 1984 में 'आनंद और आनंद' से लॉन्च किया था। ये फिल्म पिता-पुत्र के संबंध पर आधारित थी, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर फेल रही। इसके बाद भी सुनील ने कई फिल्मों में काम किया, लेकिन नतीजा फ्लॉप ही रहा।

 

उदय चोपड़ा
पिता- यश चोपड़ा

बॉलीवुड के फेमस प्रोड्यूसर यश चोपड़ा के बेटे और एक्टर उदय चोपड़ा ने यूं तो कई फिल्मों में काम किया, लेकिन सफलता हमेशा ही उनसे दूर रही। यश चोपड़ा ने अपने करियर के दौरान 'चांदनी', 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे', 'दिल तो पागल है', 'फना', 'चक दे! इंडिया' जैसी कई सफल फिल्मों को प्रोड्यूस किया। दूसरी तरफ उदय अपने करियर में कुछ खास नहीं कर सके। उन्होंने 'मोहब्बतें' से अपना करियर शुरू किया था। ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल भी रही, लेकिन फिल्म का क्रेडिट शाहरुख और अमिताभ को मिला। उदय ने बतौर लीड एक्टर 'मेरे यार की शादी है', 'नील एन निक्की', 'प्यार इम्पॉसिबल' जैसी फिल्मों में काम किया, लेकिन ये सभी फ्लॉप रहीं।


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